हस्तिनापुर लोक निर्माण विभाग की मनमर्जी से, सड़क निर्माण के नाम पर मात्र लीपा पोती की जो बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार व सरकारी पैसे का दुरुपयोग को प्रत्यक्ष रूप में दर्शाती है*
कुन्हेरा–राठौड़ मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग पर घटिया सामग्री निर्माण का आरोप, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
संवाददाता /दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
हस्तिनापुर/मेरठ : हस्तिनापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कुन्हेरा–राठौडा मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और मानकों के अनुरूप कार्य न कराने के आरोप लगाए हैं। कुन्हेड़ा के ग्राम प्रधान जरीफ, मुस्तकीम, ताराचंद, विजय, सुरेश, सचिन, रामगोपाल, सरदार जरनैल सिंह, करनैल सिंह, बालकिशन ,बाबू,जगन सिंह मनोज, दौलतराम, फिरोज, सद्दाम, प्रवेश, परवेज खान, हंसराज और महेंद्र, मुख्य मार्ग पर बनी दुकानो के दुकानदारो व
ग्रामीणों के अनुसार, 1 मार्च की रात को सड़क का निर्माण कार्य रातों रात कराया गया, ताकि किसी की नजर न पड़े। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में न तो पर्याप्त कंक्रीट व बजरी डाली गई और न ही डामर (कोलतार) की उचित मात्रा का प्रयोग किया गया। साथ ही सड़क की सही प्रकार से कुटाई (रोलिंग) भी नहीं की गई। परिणामस्वरूप, सड़क बनने से पहले ही उखड़ने लगी है और जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी के JE राजीव खटीक और ठेकेदार अनमोल चौधरी की मिलीभगत से यह घटिया निर्माण कार्य किया गया है। उनका कहना है कि सड़क की मोटाई 1 इंच से भी कम है जो प्रत्यक्ष रूप से नजर आ रही है और मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि खादर क्षेत्र में हाल ही में बनी कई नई सड़कें एक माह के भीतर ही टूटने लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क की लंबाई और चौड़ाई भी निर्धारित मानकों से कम कर दी गई है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और विभागीय जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर आंदोलन को और तेज करेंगे।
ग्रामीणों ने मांग की है कि:
निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, फोन पर AE अभिषेक शर्मा से फोन पर बात करने पर पता चला कि सड़क मेरे संज्ञान में नहीं है और ने ही अभिषेक ने JE ,एक्शन का नंबर दिया,
दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
सड़क का पुनर्निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाए।
यह मामला लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है।
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