हस्तिनापुर। संवाददाता रूपेश चोहान
दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
नगर पंचायत हस्तिनापुर के मुख्य गेट पर सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सभासद प्रदीप नागर के नेतृत्व में करीब आधा दर्जन से अधिक सभासदों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने के माध्यम से सभासदों ने नगर पंचायत प्रशासन पर विकास कार्यों में अनदेखी, सभासदों से समन्वय की कमी और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं पर कार्रवाई न होने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
धरना दे रहे सभासदों का कहना था कि कई वार्डों में बिना सभासदों की जानकारी के कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि जनता में भी भ्रम की स्थिति बन रही है। एक सभासद ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में होने वाले विकास कार्यों के बारे में उनसे न तो राय ली जाती है और न ही पूर्व सूचना दी जाती है, जिससे वे जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पाते।
धरने के दौरान सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्षा सुधा खटीक के नाम एक लिखित मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें विकास कार्यों में समानता, सभासदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य से पहले संबंधित वार्ड सभासद को जानकारी देने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्षा सुधा खटीक मौके पर पहुंचीं और सभासदों से वार्ता की। उन्होंने सभासदों की सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। अध्यक्षा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य लगातार और तेजी से कराए जा रहे हैं।
अध्यक्षा सुधा खटीक ने कहा,
“पूरे हस्तिनापुर में सड़क निर्माण, नाला निर्माण और अन्य विकास कार्य संतोषजनक रूप से पूरे किए जा चुके हैं। जो कार्य शेष हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाएगा। मेरे लिए कोई भी वार्ड अलग नहीं है, मैं पूरे हस्तिनापुर की अध्यक्षा हूं और विकास सभी वार्डों में समान रूप से होगा।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी विकास कार्य से पहले संबंधित वार्ड सभासद को जानकारी दी जाएगी और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अध्यक्षा के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे सभासद संतुष्ट नजर आए और शांतिपूर्ण तरीके से धरना समाप्त कर दिया गया। इस दौरान नगर पंचायत परिसर में सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।
यह घटना नगर पंचायत क्षेत्र में विकास को लेकर सभासदों की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता की समस्याओं को लेकर उठाई जा रही आवाज को दर्शाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहा, तो विकास कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरे हो सकेंगे।
अगर मांगे न पूरी की गई तो दोबारा धरना देने की लिए कहा गया
