संवादसूत्र दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़

हस्तिनापुर.राजकीय महाविद्यालय के पीछे सैफपुर रोड पर बिना मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की मंजूरी के एक कॉलोनी का निर्माण जोरों पर चल रहा है। प्लॉट काटे जा रहे हैं और बिना किसी अनुमति के ही इन्हें खरीददारों को बेचा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह सब धड़ल्ले से हो रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।इस कॉलोनी का निर्माण एमडीए के नियमों का खुला उल्लंघन है। प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोई भी कॉलोनी विकसित करने से पहले एमडीए से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होता है। सड़क, जल निकासी, बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करने के बाद ही प्लॉट बेचे जा सकते हैं। यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। प्लॉटिंग एजेंट खुले तौर पर विज्ञापन दे रहे हैं और सस्ते दामों पर प्लॉट बेच रहे हैं, जिससे सैकड़ों लोग फंस सकते हैं। यदि एमडीए से मंजूरी न मिले, तो यह पूरी कॉलोनी अवैध घोषित हो जाएगी और निवेशकों का पैसा डूब सकता है।
स्थानीय लोगो ने बताया, “हमने कई बार एमडीए और तहसील कार्यालय को मौखिक शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही इसी तरह, स्थानीय लोगो को”प्लॉट खरीदने वालों को गुमराह किया जा रहा है। बिना मंजूरी के घर बनाना जोखिम भरा है।”विगत कई महीनों से स्थानीय अखबारों में इसकी खबरें प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन एमडीए या प्रशासन ने अब तक कोई छापेमारी या नोटिस जारी नहीं किया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अवैध कॉलोनियों से शहर की नियोजित विकास योजना चरमरा जाती है। एमडीए के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच चल रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। लेकिन स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। क्या प्रशासन अब भी सोता रहेगा या सख्त कदम उठाएगा? यह सवाल वर्तमान में अनुत्तरित है

By jourpraveenkumar@gmail.com

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