लखनऊ। संवाददाता | दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब तक का सबसे सख्त और निर्णायक रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर किसी भी भू-माफिया, दबंग या अवैध कब्जेदार ने कब्जा कर रखा है, उसे 24 घंटे के भीतर तत्काल खाली करना होगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि तो हर हाल में छोड़नी ही पड़ेगी, साथ ही उस जमीन से अब तक जो भी अवैध कमाई की गई है, उसे भी सरकार के खाते में जमा कराना होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश सरकार अवैध अतिक्रमण, जमीन घोटालों और संगठित भू-माफिया नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही है। योगी सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और यहां किसी भी कीमत पर अवैध कब्जे, दबंगई और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“24 घंटे का समय दे रहा हूं” – सीएम योगी का स्पष्ट अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा—
“मैं पहले ही कह चुका हूं और एक बार फिर स्पष्ट कर रहा हूं कि उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर किसी भू-माफिया ने कब्जा किया है, उसे 24 घंटे का समय दिया जा रहा है। तय समय सीमा के भीतर अगर कब्जा नहीं छोड़ा गया तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। सरकारी भूमि तो छोड़नी ही पड़ेगी, साथ में उस जमीन से अब तक जो भी धन कमाया गया है, वह भी सरकार को वापस देना होगा।”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। सभी जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और राजस्व विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रदेश भर में चलेगा विशेष अभियान
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेशभर में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत—
- सरकारी भूमि की पहचान
- अवैध कब्जेदारों की सूची तैयार
- कब्जे से कमाई गई संपत्ति का आकलन
- अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई
- दोषियों के खिलाफ मुकदमा और संपत्ति जब्ती
जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भू-माफियाओं में मचा हड़कंप
मुख्यमंत्री के इस अल्टीमेटम के बाद प्रदेश के कई जिलों में भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। कई स्थानों पर अवैध कब्जेदार खुद ही सरकारी जमीन खाली करने में जुट गए हैं। कुछ जगहों पर रातों-रात अवैध निर्माण हटाए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
जानकारों का कहना है कि योगी सरकार की पिछली कार्रवाइयों को देखते हुए इस बार भी सरकार अपने फैसले से पीछे हटने वाली नहीं है।
योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार शुरू से ही जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। अपराधी, माफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सरकार ने लगातार सख्त कदम उठाए हैं। चाहे—
- माफिया की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर
- अपराधियों की संपत्ति जब्ती
- संगठित अपराध पर एनकाउंटर कार्रवाई
- या फिर सरकारी जमीनों को मुक्त कराने का अभियान
योगी सरकार ने हर मोर्चे पर सख्ती दिखाई है।
फैक्ट्री से लेकर फार्मासिस्ट तक – मजबूत सप्लाई चेन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में फैक्ट्री से लेकर फार्मासिस्ट तक एक सिमलेस सप्लाई चेन विकसित की है। उन्होंने कहा—
“उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं रहा। यहां उत्पादन, निवेश और आपूर्ति की एक मजबूत श्रृंखला तैयार की गई है। फैक्ट्री से लेकर फार्मासिस्ट तक एक पारदर्शी और सशक्त सप्लाई सिस्टम विकसित किया गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, बिचौलियों या माफियाओं को जगह न मिले।
निवेश और विकास के रास्ते में रोड़ा नहीं बनने देंगे माफिया
सीएम योगी ने साफ कहा कि प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए माफिया-मुक्त वातावरण जरूरी है। भू-माफिया विकास के सबसे बड़े दुश्मन हैं, क्योंकि वे—
- सरकारी योजनाओं में बाधा डालते हैं
- उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने देते
- गरीबों और जरूरतमंदों के हक पर डाका डालते हैं
योगी सरकार ने यह तय कर लिया है कि प्रदेश में अब माफिया संस्कृति को जड़ से खत्म किया जाएगा।
प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देशों में कहा गया है कि—
- हर जिले में सरकारी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट किया जाए
- पुराने अतिक्रमण मामलों की दोबारा समीक्षा हो
- प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी बिना भेदभाव कार्रवाई हो
- जनता को कार्रवाई की जानकारी दी जाए
सरकार का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है।
जनता में सरकार के फैसले का स्वागत
मुख्यमंत्री के इस फैसले को लेकर आम जनता में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि वर्षों से भू-माफिया सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बैठे थे, जिन पर कार्रवाई होना जरूरी था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह अभियान ईमानदारी से चलाया गया तो—
- सरकारी स्कूलों
- अस्पतालों
- सड़कों
- और विकास परियोजनाओं
के लिए जमीन की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
विपक्ष के आरोप, सरकार का पलटवार
विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठाए हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि सरकार चयनात्मक कार्रवाई कर रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि—
“कानून सबके लिए बराबर है। जिसने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, कार्रवाई होगी—चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।”
आगे और तेज होगी कार्रवाई
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह अभियान अभी शुरुआती चरण में है। आने वाले दिनों में—
- बड़े भू-माफियाओं की पहचान
- करोड़ों की अवैध संपत्तियों की कुर्की
- और संगठित गिरोहों पर शिकंजा
और तेज किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सख्त संदेश साफ है—
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।
24 घंटे का अल्टीमेटम, अवैध कमाई की वसूली और कठोर कार्रवाई यह दिखाती है कि योगी सरकार अपने फैसलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
यह कदम न सिर्फ भू-माफियाओं पर नकेल कसेगा, बल्कि प्रदेश को माफिया-मुक्त, निवेश-अनुकूल और विकासशील राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
