स्थान: हस्तिनापुर (मेरठ) | विशेष कवरेज: श्री रामलीला महोत्सव
दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़ ब्यूरो, हस्तिनापुर:
ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ नगरी हस्तिनापुर में चल रहे भव्य श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत आज का मंचन इतना भीषण, रोमांचक और दिल दहला देने वाला रहा, जिसे देखकर दर्शकों की आँखें फटी की फटी रह गईं। मंच पर आज एक तरफ जहाँ अटूट मित्रता और धर्म की स्थापना के सजीव प्रसंगों ने मन मोह लिया, वहीं दूसरी तरफ बाली के संहार और हनुमान जी द्वारा लंका को आग के हवाले करने के खौफनाक मंज़र ने पूरे पंडाल में कोहराम मचा दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले महा-मंचन को देख उपस्थित जनसमूह भीतर तक कांप उठा।
1. श्री राम-सुग्रीव मित्रता: अटूट वचनों और अटूट विश्वास की मिसाल
- मित्रता का पवित्र बंधन: आज के मंचन की शुरुआत भगवान श्री राम और सुग्रीव की ऐतिहासिक मित्रता से हुई। दोनों ने एक-दूसरे के संकट में साथ निभाने का जो वचन लिया, उसने दर्शकों के दिलों को छू लिया।
- धर्म और न्याय का संकल्प: इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश मिला कि सच्ची मित्रता वही है जो दुखों की घड़ी में अटूट चट्टान बनकर खड़ी रहे।
2. बाली वध: अहंकारी राजा का अंत और रोंगटे खड़े कर देने वाला प्रहार
- बाली का अहंकार और ललकार: कथा इसके बाद एक बेहद खतरनाक और रोमांचक मोड़ पर पहुँची, जब किष्किंधा के प्रतापी और अहंकारी राजा बाली के साथ घमासान युद्ध का दृश्य मंच पर उतारा गया।
- बाली का वध: भगवान श्रीराम द्वारा एक ही बाण से बाली का वध किए जाने और बाली की अंतिम विदाई के मार्मिक प्रसंग ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। उस वीभत्स और न्याय के प्रतीक दृश्य को जिसने भी देखा, उसका कलेजा कांप उठा और पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूँज उठा।
3. लंका दहन: हनुमान जी के प्रलयकारी क्रोध से धू-धू कर जल उठी रावण की स्वर्ण नगरी
- अशोक वाटिका से लंका तक तांडव: आज की लीला का सबसे खतरनाक और खौफनाक आकर्षण बजरंगबली हनुमान जी का ‘लंका दहन’ रहा। जब माँ सीता की खोज में लंका पहुँचे महाबली हनुमान ने अपनी पूंछ में आग लगवाकर पूरी स्वर्ण नगरी में प्रलयकारी तांडव मचाया, तो पूरा आकाश लाल हो गया।
- चीख-पुकार और कोहराम: धू-धू करके जलती लंका, राक्षसों की चीख-पुकार और सोने की लंका को राख में बदलते देख दर्शकों की साँसें थम गईं। हनुमान जी के इस पराक्रम और रौद्र रूप के सजीव मंचन ने इतिहास रच दिया, जिसे देख हर कोई अवाक् रह गया।
उमड़ा महा-जनसैलाब
श्री राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन जैसे तीन सबसे बड़े, रोमांचक और दिल दहला देने वाले प्रसंगों के गवाह बनने के लिए हस्तिनापुर क्षेत्र एवं दूर-दराज के इलाकों से हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा हस्तिनापुर क्षेत्र ‘जय बजरंगबली’ और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी जयकारों से गूँज उठा।









