स्थान: हस्तिनापुर (मेरठ) | विशेष कवरेज: श्री रामलीला महोत्सव
दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़ ब्यूरो, हस्तिनापुर:
ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ नगरी हस्तिनापुर में चल रहे भव्य श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत आज का मंचन इतना भीषण, खौफनाक और दिल दहला देने वाला रहा, जिसे देखकर दर्शकों की साँसें थम गईं। मंच पर आज एक तरफ जहाँ विशालकाय कुंभकरण और मायावी मेघनाथ के अंत के वीभत्स दृश्य प्रस्तुत किए गए, वहीं दूसरी तरफ पतिव्रता सती सुलोचना का बलिदान तथा पाताल लोक के राजा अहिरावण के संहार के रोंगटे खड़े कर देने वाले प्रसंगों ने पूरे पंडाल में कोहराम मचा दिया। इस महा-मंचन को देख उपस्थित जनसमूह भीतर तक कांप उठा।
1. कुंभकरण वध: छह महीने की नींद से जागा महाबली और उसका अंत
- विशालकाय राक्षस का तांडव: आज के मंचन की शुरुआत रावण के महाबली भाई कुंभकरण के युद्ध मैदान में उतरने के खौफनाक दृश्य से हुई। उसकी विशालकाय काया और प्रलयकारी रूप को देख देवताओं के भी प्राण सूख गए।
- भगवान श्रीराम का संहार: भगवान श्रीराम ने अपने अचूक बाणों से कुंभकरण का वध कर लंका की सेना को हिलाकर रख दिया। उस भीषण युद्ध के सजीव मंचन ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।
2. मेघनाथ वध: अजय योद्धा का अंत और आकाश में छाया सन्नाटा
- मायावी युद्ध का खौफ: लंकापति रावण के पुत्र मेघनाथ (इंद्रजीत) द्वारा अपनी मायावी शक्तियों और अस्त्र-शस्त्रों से युद्ध भूमि में मचाए गए कोहराम के दृश्यों ने दर्शकों को हक्का-बक्का कर दिया।
- लक्ष्मण जी द्वारा संहार: अंततः धर्म और न्याय की जीत हुई, जब लक्ष्मण जी ने अपने दिव्य बाणों से महामायावी मेघनाथ का वध कर दिया। इस ऐतिहासिक पल पर पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूँज उठा।
3. सती सुलोचना: पति के कटे हुए मस्तक के साथ अमर हो गई पातिव्रत धर्म की पराकाष्ठा
- मार्मिक और दिल चीर देने वाला दृश्य: मेघनाथ के वध के पश्चात उनकी पतिव्रता पत्नी सती सुलोचना के विलाप और उनके त्याग का अत्यंत भावुक व मर्मस्पर्शी मंचन किया गया।
- अमर बलिदान: सुलोचना का अपने पति के साथ सती होने का यह पवित्र और हृदयविदारक प्रसंग देखकर वहाँ मौजूद हर दर्शक की आँखें भर आईं और सिसकियों से पूरा मैदान गूँज उठा।
4. अहिरावण वध: पाताल लोक की खौफनाक साजिश और हनुमान जी का पराक्रम
- माता सीता और श्रीराम का अपहरण: कथा इसके बाद अपने सबसे खतरनाक और रहस्यमयी मोड़ पर पहुँची, जब मायावी अहिरावण छल से राम-लक्ष्मण को पाताल लोक बंदी बना कर ले गया।
- महाबली हनुमान का पराक्रम: पाताल लोक में अहिरावण के चक्रव्यूह को भेदकर महाबली हनुमान जी द्वारा उसका संहार करने और प्रभु राम-लक्ष्मण को मुक्त कराने के रोमांचक दृश्य ने दर्शकों के होश उड़ा दिए। इस खूनी और अद्भुत संघर्ष को देखकर हर कोई अवाक् रह गया।
उमड़ा महा-जनसैलाब
कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, सती सुलोचना बलिदान और अहिरावण वध जैसे चार सबसे बड़े, खौफनाक और दिल दहला देने वाले प्रसंगों के गवाह बनने के लिए हस्तिनापुर क्षेत्र एवं दूर-दराज के इलाकों से हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरा हस्तिनापुर क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी जयकारों से गूँज उठा।









