- सपा ने सरकार पर बोला हमला, कहा- “लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हनन”
- पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से गरमाई सियासत
मेरठ/हस्तिनापुर:
हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री प्रभु दयाल बाल्मीकि के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दिल्ली की ओर कूच किया। हालांकि, रास्ते में पुलिस प्रशासन ने भारी सुरक्षा बल तैनात कर उनके काफिले को रोक लिया और पूर्व मंत्री सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं चौधरी नरेश पाल अवदेश शर्मा ऋषि पाल सतपाल शर्मा रफ़ीक फ़िटकरी चंदरपाल फ़िटकरी हुमायूं सिद्दीकी नकीब खा ज्ञानी गुर्जर मनोज वाल्मीकि राकेश वाल्मिकी संजय वाल्मीकि को हिरासत में ले लिया।
विरोध प्रदर्शन और हिरासत की मुख्य बातें:
- कूच का उद्देश्य: यह मार्च जनहित और विभिन्न मुद्दों के विरोध स्वरूप आयोजित किया गया था।
- पुलिस की कार्रवाई: कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोका, जिसके चलते पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोक भी हुई।
- गिरफ्तारी: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रभु दयाल बाल्मीकि और अन्य सपाइयों को हिरासत में ले लिया।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं:
इस कार्रवाई के बाद समाजवादी खेमे में भारी रोष देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना और अपनी आवाज़ उठाना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, जिसे दबाया नहीं जा सकता।
बयान: “शांतिपूर्ण प्रदर्शन और जनता की आवाज़ उठाने के लोकतांत्रिक अधिकारों को इस प्रकार कुचलना भाजपा सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। विरोध की आवाज़ों को इस तरह से दबाया नहीं जा सकता।” — प्रभु दयाल बाल्मीकि (सपा नेता एवं पूर्व मंत्री)





