स्थान: हस्तिनापुर (मेरठ) | विशेष कवरेज: विजय दशमी महोत्सव
दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़ ब्यूरो, हस्तिनापुर:
ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ नगरी हस्तिनापुर में कल विजय दशमी के पावन अवसर पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ 161 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस भव्य और विशाल आयोजन में भारी मात्रा में श्रद्धालुओं और नगरवासियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के जल शक्ति मंत्री दिनेश खटीक जी और उनके सभी साथी गण विशिष्ट रूप से पधारे। रामलीला कमेटी की ओर से सभी मुख्य अतिथि और साथी गणों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका भव्य मान-सम्मान किया गया। वहीं दर्शकों के मनोरंजन के लिए अलग से भालू, गोरिल्ला और नृत्यनाटिका का आकर्षक प्रोग्राम भी रखा गया था, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
ब्राह्मण समाज ने रावण दहन पर जताई नाराजगी
इस आयोजन के बीच जहां एक तरफ जनता में भारी उत्साह देखने को मिला, वहीं जब मीडिया ने वहां की जनता और स्थानीय लोगों से बात की, तो एक अलग ही पहलू सामने आया। ब्राह्मण समाज के लोग इस दौरान काफी नाराज नजर आए।
ब्राह्मण समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि:
- रावण दहन करना ब्राह्मण समाज का अपमान है और इस प्रथा को बंद किया जाना चाहिए।
- उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सभी लोग अपने शुभ घरों पर दशहरा के दिन शस्त्र-शास्त्रा और देवियों की पूजा करते हैं, तो फिर इस तरह से रावण का दहन क्यों किया जाता है?
- समाज के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे आने वाले समय में इसकी मांग (मांग) करेंगे कि रावण दहन की इस प्रथा को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए।
मेला और मनोरंजन कार्यक्रम रहा आकर्षक
विरोध और नाराजगी के इन स्वरों के बावजूद मेला स्थल पर बच्चों और परिवारों के लिए रखे गए मनोरंजक कार्यक्रम जैसे भालू, गोरिल्ला की प्रस्तुति और नृत्यनाटिका ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर इंतजाम के बीच हस्तिनापुर में विजय दशमी का यह त्योहार संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की झलकियाँ

















