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संवाददाता: रूपेश चौहान
ब्यूरो चीफ, हस्तिनापुर (मेरठ)
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मेले की सराहना की, महंगे स्टॉल को लेकर मध्यमवर्गीय परिवारों ने जताई चिंता
हस्तिनापुर। हस्तिनापुर पब्लिक स्कूल में 6 नवंबर को दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में भव्य दिवाली मेले का आयोजन किया गया। मेले में विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, आकर्षक सजावट और दीपों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण दीपावली के उल्लास और उमंग से सराबोर नजर आया।
दिवाली मेले में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल लगाए गए। खान-पान, मनोरंजक गतिविधियों एवं खेलों के साथ विशेष मैजिक शो मेले का मुख्य आकर्षण रहा। जादूगर के हैरतअंगेज करतब देखकर बच्चे रोमांचित हो उठे। वहीं टॉम एंड जेरी, स्वीट कैंडी और अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने भी बच्चों का खूब मनोरंजन किया। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने मेले का भरपूर आनंद लिया।
विद्यार्थियों ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों की सराहना की, लेकिन स्टॉल की कीमतों पर उठाए सवाल
मेले में शामिल कुछ विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं, स्कूल प्रशासन, चेयरमैन के.पी. सिंह जी तथा समस्त स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रशासन और शिक्षक विद्यार्थियों के हित में अच्छा कार्य कर रहे हैं तथा इस प्रकार के आयोजन बच्चों के मनोरंजन और प्रतिभा विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने वार्षिक मेले में लगाए जाने वाले स्टॉलों पर बिकने वाली खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। उनका कहना है कि मेले में खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान काफी महंगे दामों पर उपलब्ध होते हैं। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मेले में अपनी पसंद की चीजें खरीदना मुश्किल हो जाता है। बच्चे जब मेले में आते हैं और अपनी पसंद की वस्तुओं की कीमत देखते हैं तो कई बार उन्हें बिना खरीदे ही वापस लौटना पड़ता है।
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन और स्कूल प्रबंधक से अपील की कि आगामी वार्षिक मेलों में स्टॉलों की कीमतों पर विशेष ध्यान दिया जाए और मध्यमवर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए उचित रियायत दी जाए। उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि मेले के आयोजन में प्रत्येक विद्यार्थी से 50-50 रुपये का सहयोग लेकर बच्चों के लिए खाने-पीने की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकती हैं, ताकि आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी बच्चे को मेले की खुशियों से वंचित न रहना पड़े।
विद्यालय प्रबंधन ने दिया रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का संदेश
विद्यालय के चेयरमैन एस.पी. सिंह ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सहयोग की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, सद्भाव एवं खुशियों के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. ऋतु राजवंशी ने कहा कि दिवाली मेला विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के प्रबंधक रोहित सिंह एवं निदेशक मोहित सिंह ने भी सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
कुल मिलाकर दिवाली मेला बच्चों के लिए मनोरंजन, उत्साह और यादगार पलों से भरपूर रहा। वहीं विद्यार्थियों एवं अभिभावकों द्वारा स्टॉलों की कीमतों को लेकर उठाया गया मुद्दा भी विद्यालय प्रबंधन के विचार करने योग्य है, ताकि भविष्य में आयोजित होने वाले मेलों में हर वर्ग के परिवारों के बच्चे समान रूप से खुशियों में शामिल हो सकें।







