• झांसी की गरौठा तहसील का मामला: कागजों पर मुस्तैद, धरातल पर दम तोड़ रहा प्रशासन।
  • हफ्तों तक नहीं पहुंचता मृत पशु उठाने वाला लोडर, गौहाड़ी में फैली दुर्गंध से ग्रामीणों का जीना मुहाल।

[विशेष ब्यूरो रिपोर्ट ]

गरौठा (झांसी)।

बुंदेलखंड में गौवंश संरक्षण के सरकारी दावे किस कदर दम तोड़ रहे हैं, इसकी जीती-जागती और दर्दनाक तस्वीर गरौठा तहसील के ग्राम गुढ़ा झारखंड धाम से सामने आई है। यहां स्थित गौशाला इस समय प्रशासनिक उपेक्षा और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा का केंद्र बन चुकी है। स्थानीय नागरिकों से मिली जानकारी के मुताबिक, चारे, पानी और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में अब तक इस गौशाला में सैकड़ों की संख्या में गोमाताएं असमय काल के गाल में समा चुकी हैं।

हैरान करने वाली बात यह है कि गौशाला में केवल जीवित पशुओं की अनदेखी नहीं हो रही, बल्कि मृत गौवंश के साथ भी क्रूरता की जा रही है। नियमों के मुताबिक गौहाड़ी से मृत पशुओं को ससम्मान हटाने के लिए हर सप्ताह लोडर वाहन की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन स्थानीय प्रबंधन की लापरवाही के चलते हफ्तों तक यहां कोई लोडर नहीं पहुंचता। नतीजा यह है कि परिसर में स्थिति लगातार भयावह और बदतर होती जा रही है, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने का अंदेशा भी बढ़ गया है।

गुढ़ा झारखंड धाम गौशाला का विडिओ जीपीएस लोकैशन के साथ

अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल, मुख्यमंत्री से गुहार:

इस हृदयविदारक स्थिति को देखकर स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों में भारी रोष है। ‘जय गोमाता’ के संकल्प के साथ ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार गौवंश के लिए भारी-भरकम बजट जारी कर रही है, तो वह पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?

क्षेत्र के प्रबुद्ध वर्ग ने चेतावनी दी है कि गुढ़ा झारखंड धाम गौशाला की इस दुर्दशा की तुरंत उच्च स्तरीय जांच की जाए, गोमाताओं की रक्षा के लिए पर्याप्त चारे-पानी का इंतजाम हो और इस घोर लापरवाही के दोषियों को चिह्नित कर उन पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।

सवाल जो जवाब मांगते हैं:

  • सैकड़ों गोमाताओं की मौत का असली जिम्मेदार कौन है?
  • मृत पशुओं को उठाने वाले ठेकेदार और लोडर पर प्रशासनिक नियंत्रण क्यों नहीं है?
  • क्या पशुपालन विभाग के आला अधिकारी केवल दफ्तरों में बैठकर निरीक्षण की कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं?

By jourpraveenkumar@gmail.com

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