ब्यूरो रिपोर्ट दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
हस्तिनापुर (मेरठ)। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खोड़ दयालपुर में गुरुवार की देर शाम खूनी रंजिश का एक और डरावना अध्याय सामने आया है। पुरानी अदावत के चलते दबंगों ने एक युवक को रास्ते में घेरकर धारदार हथियारों से लहूलुहान कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए।
घात लगाकर किया गया हमला
प्राप्त विवरण के अनुसार, खोड़ दयालपुर निवासी मोनू गुरुवार शाम को कस्बे से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के समीप पहुंचा, पहले से ही घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे बीच रास्ते में रोक लिया। इससे पहले कि मोनू कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। हमले में मोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने उसे जान से मारने की नियत से फायरिंग भी की, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।
सुप्रीम कोर्ट में गवाही बनी हमले की वजह!
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह हमला साल 2018 में हुई मोनू के भाई की हत्या से जुड़ा है। मोनू उस हत्याकांड का मुख्य गवाह है और हाल ही में वह आरोपियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गवाही देकर लौटा था। बताया जा रहा है कि भाई की हत्या के कुछ आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं और गवाही से बौखलाए उनके साथियों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है।
हटाया गया था सरकारी गनर, फिर मंडराया खतरा
हैरानी की बात यह है कि मोनू की जान को खतरे को देखते हुए उसे पुलिस की ओर से एक गनर सुरक्षा के तौर पर मिला हुआ था, जिसे बीते 4 मई को वापस ले लिया गया। सुरक्षा हटने के बाद मोनू ने पुलिस कप्तान से मिलकर फिर से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन सुरक्षा मिलने से पहले ही उन पर हमला हो गया।
पुलिसिया कार्रवाई और मांग
घटना के बाद घायल मोनू को तत्काल हस्तिनापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुँचे।
- परिजनों की मांग: हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और मोनू को दोबारा सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
- पुलिस का रुख: थाना हस्तिनापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
क्षेत्र में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।
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