दैनिक इंडिया न्यूज़/रूपेश चौहान ब्यूरो चीफ
हस्तिनापुर /मवाना: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। ग्राम बस्तोरा नारंग सहित आसपास के कई गांवों में ग्रामीणों और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।ग्रामीणों के अनुसार गंगा का पानी गांव की सीमा तक पहुंच चुका है, जिससे खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न होकर भारी नुकसान का शिकार हो गई हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, मवेशियों ( पशुओं)के लिए चारे की समस्या बढ़ती जा रही हैग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिगड़ते हालात के बावजूद अभी तक शासन-प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी या राहत दल मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ रही हैं। किसानों ने फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा तथा राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि गंगा की बाढ़ से सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई बांध परियोजना अपेक्षित सुरक्षा देने में विफल दिखाई दे रही है। लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण बांध पर भी दबाव बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में उसके सुरक्षित रहने को लेकर आशंका बनी हुई है। हालांकि बांध के टूटने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा नहीं की गई है।यदि पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला इसी प्रकार जारी रहा और गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा, तो हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण, राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। दैनिक इंडिया न्यूज़ चैनल की ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट, खबरों का सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा आप देखते रहिए दैनिक इंडिया न्यूज़
