हस्तिनापुर (जनपद जागृति न्यूज़)।एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया के तहत स्मार्ट मीटरों को बढ़ावा दे रही है, वहीं हस्तिनापुर में यही मीटर आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गए हैं। शुक्रवार को स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों के जरिए उनके खातों से अवैध रूप से पैसे काटे जा रहे हैं।₹28 से ₹50 की रहस्यमयी कटौतीप्रदर्शनकारियों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना या कारण के उनके मीटर बैलेंस से कभी 28 रुपये तो कभी 50 रुपये की कटौती की जा रही है। उपभोक्ताओं ने विभाग पर पारदर्शी व्यवस्था न होने का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि रिचार्ज करने के कुछ ही घंटों बाद बैलेंस शून्य हो जाता है, जिससे पूरा परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर है।₹4000 का बिल भरने के बाद भी काटी बिजलीहड़कंप तब मच गया जब कई उपभोक्ताओं ने साक्ष्य दिखाते हुए कहा कि उन्होंने पिछले महीने ही ₹4000 का भारी-भरकम बिल जमा किया था, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने बिना नोटिस दिए उनके कनेक्शन काट दिए।महिलाओं का छलका दर्द: ‘बच्चों की पढ़ाई या बिजली का बिल?’प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भावुक होते हुए कहा, “हम मध्यमवर्गीय और गरीब लोग हैं। अगर हमारी कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ बिजली के बिल में ही चला जाएगा, तो हम अपने बच्चों को कैसे पढ़ाएंगे और घर कैसे चलाएंगे?” महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्मार्ट मीटर की इस मनमानी पर रोक नहीं लगी और पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेंगी।अधिकारियों का पक्षइस संबंध में जब बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने तकनीकी खामियों की जांच करने और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, जनता इस आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।

