संवाददाता रुपेश चौहान
हस्तिनापुर क्षेत्र के गंगा खादर स्थित ग्राम चामरौद में शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक विशाल मगरमच्छ को सड़क पर घूमते देखा। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची।मौके पर पहुंचने पर मगरमच्छ झाड़ियों में छिप गया, जिससे रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। वन विभाग की टीम ने झाड़ियों की कटाई कर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की और मगरमच्छ को नियंत्रित क्षेत्र की ओर मोड़ा। मगरमच्छ पूर्ण वयस्क और आक्रामक अवस्था में था, वहीं पीछे से पकड़ने का सुरक्षित रास्ता भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में टीम को सामने से अत्यंत सावधानी और साहस के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन करना पड़ा।करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे गंगा नदी में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।पकड़े गए मगरमच्छ की प्रजाति मगर (Mugger Crocodile) बताई गई है। इसकी लंबाई लगभग 2.25 मीटर तथा वजन करीब 150 किलोग्राम था। यह पूर्ण वयस्क अवस्था में था।वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चले इस अभियान में सेक्शन प्रभारी अंकित यादव, वन दरोगा ऋषभ सिंह, वन रक्षक नितिन कुमार, अतुल स्वामी, नितिन त्यागी एवं अन्य वाचरगण शामिल रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग की तत्परता, साहस और सूझबूझ की सराहना करते हुए टीम का धन्यवाद किया।प्रभागीय वनाधिकारी सुश्री वंदना ने बताया कि गंगा नदी जैव-विविधता से समृद्ध है, जहां मगरमच्छ, घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, कछुए, विभिन्न मछलियां और प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। वन विभाग इन प्रजातियों के संरक्षण, रेस्क्यू ऑपरेशन और शिकार रोकथाम के लिए लगातार सक्रिय है।इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद क्षेत्रभर में वन विभाग की प्रशंसा की जा रही है।

