संवाददाता दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़
हस्तिनापुर: हस्तिनापुर आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले आरोपियों के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्रीय वनाधिकारी श्रीमती खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम ने सघन दबिश देकर सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?दिनांक 30 जून 2026 को हस्तिनापुर वन विभाग की टीम ने अवैध खनन में संलिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था। जब टीम इसे रेंज कार्यालय ला रही थी, तभी जलालपुर जोरा निवासी अजीत (पुत्र परमाल), कृष (पुत्र अजीत), शेखर (पुत्र भोलर) और कपिल (पुत्र सोमपाल) सहित अन्य साथियों ने सुनियोजित तरीके से विभाग की टीम को रोक लिया। आरोपियों ने वनकर्मियों के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर फरार हो गए थे।
जुर्माना और कड़ी चेतावनीघटना के बाद से ही आरोपी फरार थे। 15 जुलाई 2026 को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। विभागीय कार्रवाई के तहत:
जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली पर ₹1,50,000 का अर्थदंड वसूला गया।
आरोपियों से लिखित में क्षमायाचना कराई गई।
भविष्य में ऐसी गतिविधियों में संलिप्त न होने और सरकारी कार्य में बाधा न डालने का कड़ा शपथ पत्र लिया गया।
जीरो टॉलरेंस’ नीति: वन विभागवन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला, अवैध खनन और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति हुई, तो आरोपियों के विरुद्ध और भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।वन विभाग ने दोहराया है कि वन संपदा की सुरक्षा और कानून का पालन कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है और असामाजिक तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

