संवाद सूत्र दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
ब्यूरो हस्तिनापुर
हस्तिनापुर: ऐतिहासिक तीर्थ नगरी हस्तिनापुर में चल रहे भव्य श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत 12 अक्टूबर 2026 का मंचन ऐसा ऐतिहासिक और रोमांचक रहा, जिसे देखकर वहाँ मौजूद हर दर्शक हक्का-बक्का और दंग रह गया। मंच पर कलाकारों ने पौराणिक कथाओं को इस आक्रामकता, सजीवता और ओजस्वी शैली में प्रस्तुत किया कि पूरा रामलीला मैदान तालियों और जयकारों से गूँज उठा। आइए जानते हैं आज के मंचन के वे धमाकेदार प्रसंग, जिन्होंने सबको हैरान कर दिया:

1. जनकपुर का पहला पड़ाव और नगर भ्रमण का जादुई दृश्य
- जनकपुर आगमन: आज के मंचन की शुरुआत जनक जी के पहले पड़ाव और भगवान श्री राम व लक्ष्मण जी के जनकपुर नगर भ्रमण के अलौकिक दृश्यों से हुई।
- नगर दर्शन: राम और लक्ष्मण द्वारा जनकपुर की सुंदरता देखने और उनके दर्शन मात्र से नगरवासियों के मुग्ध होने के दृश्य ने शुरुआत नहीं सबका मन मोह लिया।
- माता सीता की गिरजा पूजा: इसके तुरंत बाद माता सीता की गिरजा पूजा के पवित्र और मनमोहक प्रसंग को बेहद भव्यता के साथ पर्दे पर उतारा गया।
2. महायुद्ध का रोमांच: रावण-बाणासुर संवाद और राम-रावण का आमना-सामना
- धनुष यज्ञ का टकारा: मंच का तापमान तब अचानक बहुत बढ़ गया जब विशाल धनुष यज्ञ के दौरान रावण और बाणासुर का भयंकर संवाद शुरू हुआ। दोनों के बीच शब्दों का ऐसा बाण चला कि दर्शक अपनी साँसें रोककर देखने पर मजबूर हो गए।
- राम-रावण संवाद: इसके बाद राम और रावण के बीच हुए संवाद ने मैदान में बैठे लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए, जिसमें अहंकार और मर्यादा का अद्भुत टकराव देखने को मिला।
- लक्ष्मण-जनक संवाद और धनुष का टूटना: आगे बढ़ते हुए लक्ष्मण और जनक के बीच संवाद का रोमांचक मंचन हुआ और फिर वह ऐतिहासिक पल आया जब शिवधनुष के टूटने की गूँज से पूरा पंडाल थर्रा उठा। धनुष टूटने के साथ ही चारों तरफ जय श्रीराम के नारे गूँजने लगे।

3. जयमाला और परशुराम-लक्ष्मण का खड़ग-युद्ध जैसा संवाद
- भव्य जयमाला: धनुष भंग के पश्चात माता सीता और भगवान श्री राम की अद्भुत जयमाला का दृश्य आयोजित किया गया, जिसे देख दर्शकों ने फूलों की वर्षा की।
- क्रोधित परशुराम का आगमन: माहौल में उस समय सनसनी फैल गई जब महाक्रोध में भगवान परशुराम का अचानक मंच पर धमाकेदार आगमन हुआ।
- परशुराम-लक्ष्मण संवाद: परशुराम और लक्ष्मण जी के बीच हुआ तूफानी और तीखा संवाद आज के मंचन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। दोनों के बीच हुए संवाद की एक-एक पंक्ति ने दर्शकों को अपनी कुर्सियों से खड़े होने पर मजबूर कर दिया, जिसे देखकर सब दंग रह गए।
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संपादकीय विशेष टिप्पणी:
12 अक्टूबर 2026 का यह रामलीला मंचन हस्तिनापुर के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है, जहाँ के कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है।
