संवाद सूत्र दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
⚠️ AI से फर्जी खबर बनाकर फैलाने वालों पर सरकार की नजर
बिना सत्यापन खबर प्रकाशित करना पड़ेगा भारी!
सोशल मीडिया पर अखबार जैसी फर्जी कटिंग बनाकर किसी व्यक्ति के संबंध में भ्रामक या झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ शिकायत होने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यदि कोई व्यक्ति AI की मदद से किसी अखबार/न्यूज पोर्टल जैसी तस्वीर तैयार करके उसे वास्तविक समाचार के रूप में प्रसारित करता है, तो उसकी सत्यता, स्रोत और उद्देश्य की जांच की जा सकती है।
किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली झूठी सामग्री परिस्थितियों के अनुसार मानहानि सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का आधार बन सकती है। BNS की धारा 356 मानहानि से संबंधित है।
🚨 प्रशासन की अपील
“किसी भी खबर को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता और स्रोत की जांच करें। AI से बनाई गई सामग्री को वास्तविक समाचार बताकर प्रसारित न करें।”
सरकार ने 2026 में AI-generated/synthetic misleading content से जुड़े नियमों और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को भी मजबूत किया है।
ब्रेकिंग न्यूज़:
फर्जी खबर फैलाने वालों पर होगी कानूनी जांच — खबर के स्रोत और सत्यता की होगी पड़ताल

