रिपोर्ट: रूपेश चौहान (ब्यूरो चीफ)
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हस्तिनापुर (मेरठ)। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव झड़ाका में बीती 26 सितंबर 2026 की रात हुई पशु चोरी की वारदात को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। घटना के 5 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे नाराज ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द पशुओं की बरामदगी की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव झड़ाका निवासी अंकित पुत्र अतर सिंह के घर से 26/09/2026 की रात चोरों ने धावा बोलकर चार पशु चोरी कर लिए। पीड़ित अंकित एक अत्यंत गरीब व मजदूर परिवार से आते हैं और पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का जीवन-यापन करते थे। एक साथ चार पशु चोरी हो जाने से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने रोजी-रोटी व आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद से ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।



पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, खादर क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल
घटना के संबंध में पीड़ित पशुपालक द्वारा तुरंत थाना हस्तिनापुर में लिखित तहरीर दी गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि तहरीर दिए जाने और घटना को 72 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो पशुओं का कोई सुराग लगा पाई है और न ही चोरों तक पहुंच सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में लगातार पशु चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस गश्त न के बराबर होने के कारण चोर बेखौफ घूम रहे हैं। पुलिस की इस कथित लापरवाही से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने थाने पर धरना दिया और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
थाना प्रभारी का बयान
मामले में थाना प्रभारी कमल शंकर त्रिवेदी ने बताया कि पुलिस मामले की गहन विवेचना कर रही है। चोरों का सुराग लगाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर चोरी हुए पशु बरामद कर लिए जाएंगे।
