हस्तिनापुर:कस्बा हस्तिनापुर के डी-ब्लॉक स्थित हनुमान मंदिर गली में हरीश किराना स्टोर के मकान पर 22 जुलाई को हुई सनसनीखेज चोरी की घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी व्यापारियों में भारी गुस्सा है। पुलिस द्वारा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बावजूद व्यापारी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने अनिश्चितकालीन पूर्ण बाजार बंद करने की घोषणा कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक आरोपी से थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद लगभग छह लाख रुपये नकद और कुछ सोने की अंगूठियां बरामद की गई हैं।
व्यापारियों और पीड़ित पक्ष के गंभीर आरोपपीड़ित व्यापारी हरीश के पुत्रों (मोहित और हिमांशु) ने पुलिस की इस थ्योरी और बरामदगी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि:घर से करीब 12 से 15 लाख रुपये नकद, जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और 10 से 15 तोला सोना चोरी हुआ था।
पुलिस द्वारा बताई गई बरामदगी वास्तविक नुकसान से काफी कम है।यह वारदात एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है, जिसमें स्थानीय स्तर पर मुखबिरी करने वालों की भूमिका हो सकती है, लेकिन पुलिस ने अभी तक ऐसे किसी व्यक्ति का खुलासा नहीं किया है।
पीड़ित पक्ष और व्यापारियों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही बरतने और तथ्यों को छिपाने के आरोप लगाए हैं।व्यापार मंडल का कड़ा रुख और बंद का ऐलानघटना के विरोध में हस्तिनापुर व्यापार मंडल की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बालमुकुंद (अध्यक्ष), गोपाल कुकरेजा, सोनू खेड़ा, तुषार चिटकारा, मोनू खेड़ा, रवि अरोड़ा, गुप्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रेया अरोड़ा, सुरेंद्र कुमार, छोटू पापनेजा, वासु मक्कड़, शुभम, मदन छाबड़ा और देवेंद्र कपड़े वाले समेत कई प्रमुख व्यापारी शामिल हुए।बैठक में सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन पूर्ण बाजार बंद का ऐलान किया गया। व्यापारियों का कहना है कि जब तक मामले का पूरी तरह और निष्पक्ष खुलासा नहीं होता तथा चोरी गई संपत्ति की वास्तविक बरामदगी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
व्यापारियों ने यह भी दावा किया है कि इस आंदोलन के समर्थन में रामराज, बहसूमा और हस्तिनापुर के आसपास के अन्य क्षेत्रों के व्यापारी संगठन भी बाजार बंद में शामिल होंगे।
आगे की स्थितिफिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पारदर्शी खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
