दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़ (Dainik India TV News)
मवाना / हस्तिनापुर | 9 जुलाई 2026
हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र के गंग नहर कांवड़ मार्ग पर इन दिनों आस्था का महाकुंभ सजा हुआ है। बुधवार, 9 जुलाई 2026 को मवाना से लेकर किला परिक्षितगढ़ तक लगाए गए विभिन्न कांवड़ शिविरों का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम गणमान्य जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने शिविरों में पहुंचकर कांवड़ यात्रियों (भोले) की सेवा की, उनका कुशल-क्षेम जाना और क्षेत्र में उनका भव्य स्वागत किया।
इन प्रमुख शिविरों में पहुंचे दिग्गज
यात्रा को सुगम और कांवड़ियों की सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अतिथियों ने क्षेत्र के निम्नलिखित प्रमुख शिविरों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया:
- मवाना गंग नहर कांवड़ शिविर
- मटौरा कांवड़ शिविर
- नासरपुर कांवड़ शिविर
- भीड़वारा कांवड़ शिविर
- पुट्टी बदला शिविर
- बदला बारह प्राइमरी स्कूल शिविर
- लोदीपुर गंग नहर शिविर
- किला परिक्षितगढ़ कांवड़ शिविर
‘सेवा ही परमो धर्म’ की गूंज
शिविरों में पहुंचकर शिवभक्तों का उत्साह बढ़ाने और उनका हाल-चाल जानने वालों में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं हस्तिनापुर के पूर्व विधायक माननीय प्रभुदयाल बाल्मीकि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनकी सेवा की और उनका आशीर्वाद लिया।
उनके साथ भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने भी शिविरों का निरीक्षण किया और सेवादारों का हौसला बढ़ाया।
गरिमामयी उपस्थिति
कांवड़ मार्ग पर लगे शिविरों में क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं, जिन्होंने शिवभक्तों की अगवानी और सेवा में पूरा योगदान दिया:
- राकेश कुमार सूद
- कपिल सिंह गुर्जर
- मनोज बंसल
- ओमपाल सिंह बदला (अध्यक्ष)
- योगेंद्र सिंह (चेयरमैन, लोक दल)
- अनिकेत भारद्वाज (जिला अध्यक्ष, लोक दल)
- कर्नल ब्रह्मपाल सिंह तोमर (प्रदेश अध्यक्ष, लोक दल सैनिक प्रकोष्ठ)
- विकास भैंसा
- रामपाल सिंह तोमर (पूर्व प्रधानाचार्य)
शिवभक्तों में दिखा भारी उत्साह
अतिथियों और स्थानीय कमेटियों द्वारा लगाए गए शिविरों में कांवड़ियों के लिए खान-पान, विश्राम और चिकित्सा की विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। नेताओं ने शिविर संचालकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कांवड़ सेवा का यह पवित्र अवसर आपसी भाईचारे और संस्कृति का सबसे बड़ा प्रतीक है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा कांवड़ मार्ग गूंज उठा।

