ब्यूरो रिपोर्ट दैनिक इंडिया टीवी न्यूज
हस्तिनापुर: प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के दावों की पोल हस्तिनापुर में खुलती नजर आ रही है। हाल ही में पर्यटन विभाग की एक उच्चस्तरीय टीम ने हस्तिनापुर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों में बरती जा रही गंभीर अनियमितताएं और घटिया सामग्री का इस्तेमाल सामने आया, जिसे देखकर अधिकारी खासे नाराज हुए।
निरीक्षण के दौरान सामने आईं मुख्य कमियां:
- गलत घिसाई (Poor Finishing): निरीक्षण टीम ने पाया कि ऐतिहासिक और सौंदर्यीकरण के लिए लगाए जा रहे पत्थरों की घिसाई ठीक ढंग से नहीं की गई है, जिससे उनकी फिनिशिंग बेहद खराब दिख रही है।
- पत्थरों के बीच जोड़ (Joint Issues): पत्थरों की फिटिंग में बड़ी लापरवाही बरती गई है। तय मानकों के विपरीत पत्थरों के बीच स्पष्ट जोड़ (जॉइंट्स) साफ नजर आ रहे हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर बड़ा सवालिया निशान लगाते हैं।
- सौंदर्यीकरण पर असर: खराब कटिंग और गलत घिसाई के कारण स्थल की खूबसूरती उभरने के बजाय बदरंग नजर आ रही है।
अधिकारियों ने जताई कड़ी नाराजगी और दिए सख्त आदेश
निर्माण कार्य में इस तरह की हीला-हवाली और मानकों की अनदेखी को देखकर निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी बेहद निराश और गुस्से में नजर आए। मौके पर मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
अधिकारियों ने संवेदक (ठेकेदार) और जिम्मेदार इंजीनियरों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि:
- शीघ्र सुधार हो: कमियों को तुरंत दूर किया जाए।
- पत्थर बदले जाएं: जिन स्थानों पर पत्थरों की घिसाई गलत हुई है या जोड़ स्पष्ट दिख रहे हैं, उन्हें हटाकर मानकों के अनुरूप नए और बेहतरीन क्वालिटी के पत्थर लगाए जाएं।
- गुणवत्ता से समझौता नहीं: चेतावनी दी गई है कि भविष्य में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटन विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद से निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
