— ब्यूरो रिपोर्ट, दैनिक इंडिया टीवी न्यूज़
नई दिल्ली/देशभर में:
पवित्र सावन मास और शिवरात्रि के पावन अवसरों पर देशभर के शिवालयों में शिव भक्तों काारसैलाब उमड़ रहा है। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजायमान है। इसी बीच, देश के विभिन्न हिस्सों से शिव भक्तों और कांवड़ियों के लिए प्रशासन तथा मंदिर समितियों की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण और संयम बरतने की अपील सामने आई है।
अधिकारियों और आयोजकों ने सभी शिव भक्तों से विशेष अनुरोध किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में कानून और प्रशासन को अपने हाथ में न लें और अपनी भक्ति पूरी तरह से शांति, अनुशासन व पारंपरिक मर्यादा के दायरे में रहकर ही करें।
क्यों पड़ी इस अपील की आवश्यकता?
हाल ही में कुछ स्थानों पर उमड़ी भारी भीड़ के दौरान मार्ग को लेकर उपजे गतिरोध, ट्रैफिक जाम और छोटी-मोटी कहासुनी की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। प्रशासन का कहना है कि आस्था का सम्मान करना और भक्तों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही अनिवार्य है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुछ असामाजिक तत्व आस्था की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे सावधान रहने की जरूरत है।
प्रशासन और संतों के प्रमुख निर्देश व अपील:
- धैर्य और संयम रखें: कतारों में अपनी बारी का इंतजार करें और धक्का-मुक्की से बचें।
- यातायात नियमों का पालन करें: कांवड़ यात्रा या भंडारों के दौरान सड़क मार्गों पर जाम न लगाएं और प्रशासन द्वारा तय किए गए रास्तों का ही उपयोग करें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें: सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक या भड़काऊ खबरों से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाह की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- शांतिपूर्ण भक्ति: भगवान शिव का स्वभाव शांत और कल्याणकारी है; अतः उनकी आराधना भी संयम, अनुशासन और भाईचारे के साथ की जानी चाहिए।
भक्तों से सहयोग की अपेक्षा
मंदिर समितियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सभी शिव भक्तों से अपील की है कि वे प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पूरा सहयोग करें। पुलिस बल आपकी सुरक्षा और सुविधा के लिए ही तैनात हैं।
“भोलेनाथ की सच्ची आराधना अनुशासन और मानवता के सेवाभाव में ही निहित है।” प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे अपनी ऊर्जा सकारात्मकता और शिव भक्ति में लगाएं, जिससे यह पावन पर्व शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
