ब्यूरो मेरठ

दलित नेता मोहित जाटव और गुर्जर नेता दिग्विजय भाटी से ‘आतंकियों जैसा सलूक’; खुद पीटने और फिर SOG से उल्टा लटकवाकर पिटवाने का आरोपमेरठ। तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय पर सत्ता और वर्दी की ताकत का बर्बर इस्तेमाल करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। किसान नेताओं का दावा है कि SSP ने दलित नेता मोहित जाटव और गुर्जर नेता दिग्विजय भाटी को अपने कार्यालय बुलाया, गालियां दीं और फिर चैंबर का दरवाजा बंद करके करीब डेढ़ घंटे तक खुद लातों, घूंसों और जूतों से भयावह यातनाएं दीं।आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस का अत्याचार नहीं रुका। दोनों नेताओं को जिले की SOG के हवाले कर दिया गया, जहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने कथित तौर पर उनके पैर बंधवाए, उल्टा लटकवाया और तलवों, कमर तथा पीठ पर फट्टों और लाठियों से पिटाई कराई।दोनों नेताओं का आरोप है कि पुलिस हिरासत में उनके साथ आतंकियों जैसा सलूक किया गया। सामने आई तस्वीरों में दिग्विजय भाटी की आंख पर गंभीर सूजन और शरीर पर चोटों के निशान दिखाई दे रहे हैं।यह मामला अब केवल दो किसान नेताओं की कथित पिटाई का नहीं, बल्कि पुलिस हिरासत में यातना, वर्दी के दुरुपयोग और दलित–गुर्जर नेतृत्व को कुचलने के गंभीर आरोपों का बन गया है। तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय को मेरठ से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।अब सवाल है SSP कार्यालय और SOG परिसर के CCTV फुटेज कहां हैं? मेडिकल परीक्षण कब होगा? और क्या आरोपित अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा मुकदमा दर्ज किया जाएगा?इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है।

By jourpraveenkumar@gmail.com

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