मवाना, मेरठ:
क्षेत्र के प्रतिष्ठित कृषक इंटर कॉलेज मवाना के वरिष्ठ प्रवक्ता, पूर्व उप प्रधानाचार्य, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह की अवशेष ग्रेच्युटी के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। शासन स्तर से ग्रेच्युटी की धनराशि 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किए जाने के आदेश के बावजूद कॉलेज प्रशासन द्वारा बढ़ा हुआ प्रकरण समय से प्रस्तुत न किए जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मेरठ जगदीश प्रसाद शुक्ला ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलेज के पटल सहायक का अगस्त 2026 का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
कॉलेज के विकास में रहा है ऐतिहासिक योगदान
शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह ने अपने 38 वर्षों के लंबे सेवाकाल में कॉलेज के शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ इसके भौतिक विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने अपने राजनीतिक संपर्कों और व्यक्तिगत प्रयासों से क्षेत्र के कई दिग्गज जनप्रतिनिधियों की विकास निधि से कॉलेज में बड़े निर्माण कार्य कराए हैं:
- समाजवादी पार्टी पूर्व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और हस्तिनापुर क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रभुदयाल बाल्मीकि के सहयोग से एक बरामदे का निर्माण।
- मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र के पूर्व शिक्षक विधायक ओमप्रकाश शर्मा द्वारा एक बरामदे का निर्माण।
- हस्तिनापुर क्षेत्र के पूर्व विधायक अतुल खटीक के माध्यम से एक आधुनिक कंप्यूटर लैब की स्थापना।
- पूर्व गन्ना विकास मंत्री रामचंद्र वाल्मीकि के सहयोग से कॉलेज में एक विशाल हॉल का निर्माण।
- पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना के सहयोग से संपूर्ण कॉलेज परिसर में सड़क का निर्माण।
इन सभी विकास कार्यों के लिए शिक्षक नेता ने अपने स्तर पर भी आर्थिक सहयोग दिया और लगभग 50 लाख रुपये के विकास कार्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कॉलेज को समर्पित किए।
प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक खींचतान
शिक्षक नेता के सेवानिवृत्त होने के बाद भी प्रदेश की शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी, शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल और अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा अवशेष ग्रेच्युटी का प्रकरण डीआईओएस कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके अलावा, कॉलेज प्रबंध समिति के आपसी विवादों और पूर्व में प्राधिकृत नियंत्रकों को लेकर हुए फेरबदल के कारण शिक्षण कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। आरोप है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा जनप्रतिनिधियों के नाम वाले विकास सिलापट (पत्थर) तक हटा दिए गए हैं, जिसे लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है।
भाकियू ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
मामले के तूल पकड़ने के बाद भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह की अवशेष ग्रेच्युटी का भुगतान शीघ्र नहीं कराया गया और हटवाए गए विकास सिलापटों को पुनः स्थापित नहीं किया गया, तो संगठन की ओर से कॉलेज परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस स्थिति की समस्त जिम्मेदारी कॉलेज के प्रधानाचार्य और प्राधिकृत नियंत्रक की होगी।

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